तत्काल: रीढ़ विद्युत, ज्योति per चक्र, कंपन, ताप। दीर्घ: रोग↓, इंद्रियां↑, नींद↓, सात्विक स्वतः। बिना गुरु = कष्ट। अमर उजाला: 'बिजली कौंधना।'
- 1ऊर्जा प्रवाह: रीढ़ = विद्युत/गर्मी/ठंडक — 'बिजली कौंधना' (अमर उजाला)।
- 2ज्योति: मूलाधार=अग्नि, स्वाधिष्ठान=प्रवाल, मणिपुर=विद्युत, अनाहत=लिंग, विशुद्ध=श्वेत, आज्ञा=धूम्र, सहस्रार=परशु।
- 3कंपन/अनैच्छिक गति: क्रिया (योग)।
- 4ताप परिवर्तन: गर्मी/ठंडक alternating।
- 5स्वास्थ्य: कुछ = रोग मुक्ति।
- 6इंद्रियां तीक्ष्ण: दृष्टि/श्रवण/गंध = अधिक sensitive।
- 7नींद कम: कम नींद = अधिक ऊर्जा।
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