कुंडलिनी जागरण से पहले कैसे तैयारी करें?
की चेकलिस्ट
शारीरिक: सिद्धासन, नाड़ी शोधन, बंध, सात्विक (6-12 मास)। मानसिक: ध्यान 20-30, यम-नियम, भय नाश। आध्यात्मिक: गुरु (सबसे महत्वपूर्ण), दीक्षा। 'जल्दबाजी=खतरा। नींव मजबूत।'
- 1आसन: सिद्धासन/पद्मासन = स्थिर 30+ मिनट।
- 2नाड़ी शोधन: प्रतिदिन 15-20 मिनट → 72,000 नाड़ी शुद्ध।
- 3बंध: मूलबंध + उड्डियान + जालंधर = अभ्यास।
- 4सात्विक आहार: मांस/मदिरा/तामसिक = त्याग।
- 5ध्यान: नियमित 20-30 मिनट = मन स्थिर।
- 6यम-नियम: सत्य, अहिंसा, शौच, संतोष = नींव।
- 7भय नाश: कुंडलिनी = तीव्र → भय = बाधा। भय = त्यागें।
- 8गुरु: सच्चा गुरु = सबसे महत्वपूर्ण (अमर उजाला: '10 में 8 = भ्रम')।
- 9दीक्षा: गुरु दीक्षा → शक्तिपात → कुंडलिनी सुरक्षित।
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