तारा साधना का शुभ काल: माघ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन (विशेष शुभ)। अर्धरात्रि = श्रेष्ठ फलदायी। किसी भी शुभ दिन, मंगलवार या शुक्ल पक्ष पंचमी से प्रारंभ।
1माघ मास की गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन: विशेष रूप से शुभ।
2उनकी पूजा अर्धरात्रि में करना श्रेष्ठ फलदायी होता है।
3किसी भी शुभ दिन, मंगलवार।
4शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि से भी साधना प्रारंभ की जा सकती है।