महामाया के ग्रंथ: मार्कण्डेय पुराण का देवी महात्म्य (ब्रह्मा की स्तुति), देवी भागवत पुराण (त्रिदेव की स्तुति), रुद्रयामल तंत्र (पराशक्ति), कालिका पुराण (दस भुजाएँ-कमल आसन), स्कंद पुराण (आद्यादेवी)।
- 1मार्कण्डेय पुराण का देवी महात्म्य: सर्वप्रमुख उल्लेख — ब्रह्माजी कहते हैं 'त्वं स्वाहा त्वं स्वधा... त्वं महामाया, जगदम्बिका'।
- 2देवी भागवत पुराण: त्रिदेव देवी महामाया की स्तुति करते हैं।
- 3रुद्रयामल तंत्र: महामाया को पराशक्ति कहा गया — दस महाविद्याओं सहित समस्त योगिनी शक्तियाँ इन्हीं से प्रकट।
- 4कालिका पुराण (14वीं सदी): महामाया की प्रतिमा का वर्णन — दस भुजाएँ, कमल आरूढ़।
- 5स्कंद पुराण: महामाया को आद्यादेवी के रूप में वर्णन।