कुश आसन पर पूर्व/उत्तर दिशा में बैठकर, रुद्राक्ष माला से, शिव का ध्यान करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। तर्जनी से माला न स्पर्श करें। जप के बाद दशांश हवन करें।
1स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें (श्वेत वस्त्र शुभ)
2पूजा स्थान पर शिव प्रतिमा या शिवलिंग स्थापित करें
3घी का दीप जलाएं
4रुद्राक्ष माला तैयार रखें (108 दाने)
5आसन: कुश, ऊन या शुद्ध वस्त्र के आसन पर बैठें। पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करें।
6संकल्प: 'अमुक रोग/संकट निवारण/स्वास्थ्य लाभ के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करता/करती हूँ।'
7न्यास: हृदय, मस्तक, शिखा, कंधों और नेत्रों पर भस्म या चंदन लगाएं।