की चेकलिस्ट
बृहदारण्यक उपनिषद (4.4.1-2) अनुसार — इंद्रियां शिथिल होती हैं, पांचों प्राण हृदय में एकत्रित होते हैं, उदान वायु आत्मा को सूक्ष्म शरीर सहित शरीर के एक द्वार से बाहर ले जाती है। कर्म और संस्कार भी साथ जाते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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