गीता (8.5): अंतिम स्मरण = अगला जन्म। 'राम राम', 'ॐ नमो नारायणाय', 'ॐ नमः शिवाय', महामृत्युंजय, गीता 8/15 पाठ। गरुड़ पुराण: गंगाजल+तुलसी+तिल+गीता पास हों। कान में शांत स्वर में राम नाम।
- 1'राम राम' / 'हरे राम' — सबसे सरल और प्रचलित।
- 2'ॐ नमो नारायणाय' — विष्णु मंत्र।
- 3'ॐ नमः शिवाय' — शिव भक्तों के लिए।
- 4गीता अध्याय 8 या 15 का पाठ।
- 5विष्णु सहस्रनाम का पाठ।
- 6महामृत्युंजय मंत्र — *'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...'*
- 7गंगाजल 2. तुलसी 3. काले तिल 4. गीता/भागवत पाठसबसे महत्वपूर्ण: मरणासन्न व्यक्ति के कान में धीरे-धीरे ईश्वर नाम सुनाएँ — *'राम... राम... राम...'* — शांत, प्रेमपूर्ण स्वर में।