प्रमुख: पंचामृत (दूध+दही+घी+शहद+शक्कर)। जल: गंगाजल, नारियल, गन्ना, चंदन, गुलाब। चूर्ण: चंदन, हल्दी, विभूति, कपूर। रुद्राभिषेक: 108 द्रव्य। क्रम: जल→दूध→दही→घी→शहद→शक्कर→पंचामृत→चंदन→गंगाजल। शिव=जल+बिल्व, विष्णु=तुलसी+चंदन, देवी=कुंकुम+गुलाब। चरणामृत = पवित्र।
- 1दूध (गो-दुग्ध)
- 2दही (गो-दधि)
- 3घी (गो-घृत)
- 4मधु (शहद)
- 5शर्करा (शक्कर/मिश्री)
- 6शुद्ध जल (सादा पानी)
- 7गंगाजल (सर्वोत्तम)
- 8नारियल जल (नारिकेल जल)
- 9गन्ने का रस (इक्षु रस)
- 10चंदन जल (चंदन मिश्रित)
- 11गुलाब जल
- 12कुश (दर्भ) जल
- 13तुलसी जल (विष्णु)
- 14तिल तेल (शनि शान्ति विशेष)
- 15सरसों तेल (कुछ परम्पराओं में)
- 16गो-घृत (घी)
- 17चंदन चूर्ण (श्वेत/लाल)
- 18हल्दी
- 19कुंकुम/सिंदूर (देवी/गणेश — शिवलिंग पर प्रायः नहीं)
- 20विभूति/भस्म (शिव विशेष)
- 21कपूर
- 22अक्षत (चावल)
- 23उपरोक्त सभी + नीम जल, बेल जल, आम पत्र जल
- 24केसर जल, इलायची जल, लौंग जल
- 25पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर)
- 26विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों का काढ़ा
- 27विभिन्न फलों का रस
- 28शिव: जल (प्रधान), दूध, बिल्व रस, भांग (कुछ परम्पराओं में)
- 29विष्णु: पंचामृत, तुलसी जल, चंदन
- 30देवी: कुंकुम जल, हल्दी जल, गुलाब जल
- 31गणेश: मोदक + पंचामृत, दूर्वा जल