दक्षिणा: श्रद्धानुसार, सामर्थ्यानुसार — निश्चित राशि नहीं। सामान्य: ₹11-51। विशेष पूजा: ₹101-501। अनुष्ठान: पुरोहित से तय करें। नियम: विषम संख्या (11,21,51), दाहिने हाथ, सम्मानपूर्वक। फल/वस्त्र साथ = अतिशुभ। बलपूर्वक माँग = अनुचित। भगवान भाव देखते हैं।
- 1सामान्य दर्शन/आरती: ₹11, ₹21, ₹51 — सामान्य श्रद्धा
- 2विशेष पूजा/अभिषेक: ₹101, ₹251, ₹501 — पूजा के प्रकार अनुसार
- 3विस्तृत अनुष्ठान (हवन, सत्यनारायण): ₹1,001 - ₹5,001 — पुरोहित के समय और श्रम अनुसार
- 4बड़े अनुष्ठान (रुद्राभिषेक, नवग्रह): पुरोहित/मंदिर से पूर्व चर्चा कर तय करें
- 5सदा विषम संख्या में (1, 11, 21, 51, 101 आदि) — सम संख्या अशुभ
- 6दाहिने हाथ से दें
- 7दोनों हाथों से पूजा थाली/दक्षिणा पात्र में रखें (सबसे शुभ)
- 8पुजारी को सीधे हाथ में दें — भूमि पर न रखें
- 9श्रद्धा और सम्मान भाव से — अपमानपूर्वक नहीं
- 10सिक्के (विशेषतः ₹1 का) — सामान्यतः शुभ, परंतु केवल सिक्का देना अपर्याप्त
- 11दक्षिणा = पुजारी का अधिकार — उसे देना कर्तव्य
- 12परंतु पुजारी बलपूर्वक या अत्यधिक माँग करे — उचित नहीं
- 13यदि आर्थिक स्थिति कमजोर हो — यथासम्भव (एक रुपया भी श्रद्धा से दिया = श्रेष्ठ)
- 14मन्तव्य: 'भगवान भाव देखते हैं, राशि नहीं'