की चेकलिस्ट
देवता दिनचर्या (राजा-समान सेवा): सुप्रभात (4:30) → स्नान/अभिषेक → श्रृंगार/अलंकार → बाल भोग → प्रातः दर्शन → राजभोग (दोपहर) → विश्राम (पट बंद) → सायं दर्शन → संध्या आरती → शयन भोग → शयन (पट बंद)। आगम: षोडश उपचार/अष्टकाल पूजा। नित्य = मंदिर का प्राण — एक दिन न छूटे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।