होम विधि: संकल्प (नाम-गोत्र-उद्देश्य) → अग्नि स्थापना (वैदिक मंत्र) → आहुतियाँ ('स्वाहा' + घी+सामग्री × 108/1008) → पूर्णाहुति (नारियल+घी) → शान्ति पाठ → प्रसाद। सामग्री: घी, तिल, जौ, समिधा, हवन सामग्री। प्रकार: गणपति, नवग्रह, महामृत्युंजय, रुद्र, लक्ष्मी।
- 1शुभ मुहूर्त निश्चय (ज्योतिषी/पुरोहित से)
- 2हवन कुंड तैयार (चौकोर — सबसे प्रचलित)
- 3सामग्री संग्रह
- 4प्रमुख पुरोहित (आचार्य) और सहायक पुरोहित
- 5हवन कुंड — ईंट/ताँबा/मिट्टी
- 6समिधा — आम, पीपल, पलाश की लकड़ी
- 7घी (शुद्ध गो-घृत) — प्रमुख आहुति द्रव्य
- 8हवन सामग्री मिश्रण — तिल, जौ, चावल, गुग्गुल, कपूर, चंदन, अगर, तगर आदि
- 9नवग्रह समिधा (ग्रह शान्ति हेतु)
- 10पूर्णाहुति सामग्री — नारियल, सुपारी, पान
- 11कुंड में समिधा सजाना
- 12वैदिक मंत्रों से अग्नि प्रज्वलित
- 13अग्निदेव का आवाहन
- 14प्रत्येक मंत्र के अंत में 'स्वाहा' बोलकर घी + सामग्री अग्नि में डालना
- 15'इदं न मम' (यह मेरा नहीं — समर्पण भाव)
- 16आहुतियों की संख्या — 108 / 1008 / मंत्र संख्या का दशांश
- 17अंतिम आहुति — नारियल + घी + सुपारी + मिठाई
- 18सबसे महत्वपूर्ण क्षण — सम्पूर्ण यज्ञ का फल इसमें
- 19भस्म/प्रसाद वितरण
- 20ब्राह्मण भोजन और दक्षिणा
- 21गणपति होम — विघ्न निवारण
- 22नवग्रह होम — ग्रह दोष शान्ति
- 23महामृत्युंजय होम — रोग/मृत्यु भय निवारण
- 24सुदर्शन होम — रक्षा
- 25रुद्र होम — शिव कृपा
- 26लक्ष्मी होम — धन-समृद्धि
- 27वास्तु होम — गृह शान्ति