की चेकलिस्ट
मंदिर पूजा विधि: जूते उतारें → हाथ-पैर धोएँ → द्वारपाल-वंदन → घंटी बजाएँ → दर्शन (दोनों हाथ जोड़कर, आँखें खोलकर) → पुष्प/अक्षत अर्पण → धूप-दीप → नैवेद्य → आरती → परिक्रमा → साष्टांग प्रणाम। धर्मसिंधु: शुद्ध भाव = सर्वोत्तम पूजा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।