की चेकलिस्ट
भागवत (2.2.8-13): चरणों से आरंभ कर क्रमशः पूरे स्वरूप पर ध्यान। गीता (12.8): मन और बुद्धि भगवान में लगाओ। मानसी पूजा ध्यान का उच्चतम रूप। भाव: 'साक्षात् भगवान सामने हैं' — यही सच्चा ध्यान।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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