पुरुष: पीली/सफेद धोती-उत्तरीय (सर्वोत्तम), कुर्ता-पायजामा (स्वीकार्य)। महिला: पीली/लाल/सफेद साड़ी, सिर ढका हो। वर्जित: नीला-काला (तामसिक), चमड़े की वस्तुएं। पीला रंग विष्णु-पूजा, सफेद शिव-पूजा, लाल देवी-पूजा के लिए।
- 1धोती (सर्वोत्तम): पूजा के लिए धोती — विशेषतः पीली या सफेद — सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। कच्छाबंध धोती (पाँव के बीच से लगाई गई) अधिक शुद्ध।
- 2कुर्ता-पायजामा: सामान्य पूजा के लिए स्वीकार्य।
- 3सिले कपड़े (stitched): मंदिर में सिले वस्त्र भी स्वीकार्य हैं — यद्यपि यज्ञ आदि में बिना सिले की परंपरा है।
- 4उत्तरीय (चादर/अंगवस्त्र): कंधे पर अंगवस्त्र रखना श्रेयस्कर है।
- 5साड़ी (सर्वोत्तम): पीली, लाल, या सफेद साड़ी सबसे शुद्ध मानी जाती है।
- 6सलवार-कमीज/कुर्ती: स्वीकार्य परंतु सिर ढका होना चाहिए।
- 7नीले और काले वस्त्र: अधिकांश परंपराओं में पूजा में वर्जित — तामसिक रंग माने गए हैं।
- 8पीला — सर्वश्रेष्ठ, विष्णु-पूजा के लिए विशेष
- 9सफेद — शुद्धता, शिव-पूजा के लिए
- 10लाल — देवी-पूजा के लिए
- 11केसरिया — सात्विकता का प्रतीक
- 12नीला/काला — सामान्यतः वर्जित (विशेष तंत्र साधना में अपवाद)
- 13पूजा में चमड़े की बेल्ट, जूते, या वस्तुएं वर्जित हैं।
- 14पूजा के वस्त्र अलग रखें — उन्हें घर के अन्य कार्यों में न पहनें।