ॐ नमः शिवाय | जय श्री राम | हरे कृष्ण
चेकलिस्ट: मंदिर में संध्या आरती और प्रातः आरती में क्याचेकलिस्टमंदिर में संध्या आरती और प्रातः आरती में क्या अंतर है?
की चेकलिस्ट
प्रातः: जागरण भाव — देवता को जगाना (सुप्रभात), शांत-सात्विक, ब्रह्ममुहूर्त। संध्या: कृतज्ञता + रक्षा — अंधकार निवारण, भावनात्मक-भक्तिपूर्ण, सूर्यास्त। प्रातः = दिन शुभारम्भ, संध्या = दिन समापन + रात्रि रक्षा प्रार्थना। अन्य: मध्याह्न (राजभोग), शयन।
- 1शंख ध्वनि/घंटा नाद से प्रारम्भ
2देवता का 'उत्थान' (जागरण) — 'जय जगदीश हरे' या देवता-विशिष्ट प्रातः स्तुति3सुप्रभात गीत/मंत्र ('कौसल्या सुप्रजा राम' — विष्णु/राम)4दीप + कर्पूर आरती5भोग (प्रातः भोग — दूध, मिठाई)6शंख ध्वनि/घंटा नाद7दीपक जलाना (अंधकार निवारण) — पंचारति या कर्पूर8'ॐ जय जगदीश हरे' या देवता-विशिष्ट संध्या आरती9संध्यावंदन मंत्र10भोग (संध्या भोग — फल, मिठाई)11मध्याह्न आरती (राजभोग): दोपहर — भोग अर्पण के साथ12शयन आरती: रात्रि — देवता को शयन हेतु विदा13श्रृंगार आरती: विशेष अलंकरण के बाद