ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

मंदिर निर्माण के लिए वास्तु के क्या नियम हैं?

की चेकलिस्ट

ऊंची भूमि, पूर्व/उत्तर प्रवेश, वास्तु पुरुष मंडल (ब्रह्मस्थान=गर्भगृह), शास्त्रीय अनुपात, पत्थर, गर्भगृह=3 बंद/1 द्वार, परिक्रमा पथ, ध्वजस्तंभ, प्राण प्रतिष्ठा अनिवार्य।

  1. 1स्थान: ऊंचा भूमि, जल स्रोत निकट, शुभ वृक्ष। श्मशान/अशुद्ध भूमि वर्जित।
  2. 2दिशा: गर्भगृह = पश्चिम/दक्षिण। प्रवेश = पूर्व/उत्तर (सर्वोत्तम)।
  3. 3वास्तु पुरुष मंडल: 64/81 पद (खाने) — ब्रह्मस्थान (केंद्र) = गर्भगृह।
  4. 4अनुपात: ऊंचाई:चौड़ाई = शास्त्रीय अनुपात। शिखर = गर्भगृह ऊपर।
  5. 5सामग्री: पत्थर (ग्रेनाइट/बलुआ) = सर्वोत्तम। ईंट/लकड़ी = भी।
  6. 6गर्भगृह: केंद्र, 3 तरफ बंद, 1 द्वार, अंधेरा।
  7. 7मंडप: सभा/नृत्य/भोग = अलग-अलग।
  8. 8परिक्रमा पथ: गर्भगृह चारों ओर।
  9. 9ध्वजस्तंभ: प्रवेश और गर्भगृह के बीच।
  10. 10प्राण प्रतिष्ठा: निर्माण पूर्ण → शुभ मुहूर्त → प्राण प्रतिष्ठा = अनिवार्य।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
मंदिर वास्तु

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।