ऊंची भूमि, पूर्व/उत्तर प्रवेश, वास्तु पुरुष मंडल (ब्रह्मस्थान=गर्भगृह), शास्त्रीय अनुपात, पत्थर, गर्भगृह=3 बंद/1 द्वार, परिक्रमा पथ, ध्वजस्तंभ, प्राण प्रतिष्ठा अनिवार्य।
- 1स्थान: ऊंचा भूमि, जल स्रोत निकट, शुभ वृक्ष। श्मशान/अशुद्ध भूमि वर्जित।
- 2दिशा: गर्भगृह = पश्चिम/दक्षिण। प्रवेश = पूर्व/उत्तर (सर्वोत्तम)।
- 3वास्तु पुरुष मंडल: 64/81 पद (खाने) — ब्रह्मस्थान (केंद्र) = गर्भगृह।
- 4अनुपात: ऊंचाई:चौड़ाई = शास्त्रीय अनुपात। शिखर = गर्भगृह ऊपर।
- 5सामग्री: पत्थर (ग्रेनाइट/बलुआ) = सर्वोत्तम। ईंट/लकड़ी = भी।
- 6गर्भगृह: केंद्र, 3 तरफ बंद, 1 द्वार, अंधेरा।
- 7मंडप: सभा/नृत्य/भोग = अलग-अलग।
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