मंत्र जप के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
जप में न करें: बात, भोजन, नींद, इधर-उधर देखना। माला में: तर्जनी से न छुएं, सुमेरु न लाँघें, भूमि पर न रखें। क्रोध या प्रदर्शन के लिए जप नहीं। कुलार्णव: जप गोपनीय रखें। मंत्र महोदधि: 'जप काल में भाषण, भोजन, निद्रा त्यागें।'
- 1बात न करें — जप के बीच बात करने से जप की ऊर्जा नष्ट
- 2सोएं नहीं — जप करते-करते सोना वर्जित
- 3खाएं-पिएं नहीं — जप के दौरान
- 4इधर-उधर न देखें — दृष्टि स्थिर रखें
- 5अनावश्यक हलचल — शरीर स्थिर रखें
- 6तर्जनी से माला न छुएं
- 7सुमेरु न लाँघें — माला पलटें
- 8माला भूमि पर न रखें
- 9माला दूसरे को न दें (सिद्ध माला)
- 10तामसिक भोजन — प्याज, लहसुन, मांस
- 11अधिक भोजन — भारी भोजन के बाद जप नींद लाता है
- 12मादक पदार्थ — मद्य, तंबाकू
- 13जप को प्रदर्शित न करें — कुलार्णव: जप गोपनीय रखें
- 14क्रोध या अशांत मन से न करें — ऊर्जा विपरीत दिशा में जाती है
- 15बीच में न छोड़ें — अधूरा जप से अधिक दैनिक पूर्ण जप
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
जप वर्जन
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।