विस्तृत उत्तर
जप के दौरान वर्जित बातों का वर्णन मंत्र महोदधि और कुलार्णव तंत्र में है:
व्यवहार संबंधी वर्जन
- 1बात न करें — जप के बीच बात करने से जप की ऊर्जा नष्ट
- 2सोएं नहीं — जप करते-करते सोना वर्जित
- 3खाएं-पिएं नहीं — जप के दौरान
- 4इधर-उधर न देखें — दृष्टि स्थिर रखें
- 5अनावश्यक हलचल — शरीर स्थिर रखें
माला संबंधी वर्जन
- 1तर्जनी से माला न छुएं
- 2सुमेरु न लाँघें — माला पलटें
- 3माला भूमि पर न रखें
- 4माला दूसरे को न दें (सिद्ध माला)
आहार वर्जन (नित्य जप में)
- 1तामसिक भोजन — प्याज, लहसुन, मांस
- 2अधिक भोजन — भारी भोजन के बाद जप नींद लाता है
- 3मादक पदार्थ — मद्य, तंबाकू
विशेष वर्जन
- 1जप को प्रदर्शित न करें — कुलार्णव: जप गोपनीय रखें
- 2क्रोध या अशांत मन से न करें — ऊर्जा विपरीत दिशा में जाती है
- 3बीच में न छोड़ें — अधूरा जप से अधिक दैनिक पूर्ण जप
मंत्र महोदधि
भाषणं भोजनं निद्रा जपकाले विवर्जयेत्।' — जप के समय बात, भोजन और नींद त्यागें।





