विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के वर्जनों का वर्णन कुलार्णव तंत्र और महानिर्वाण तंत्र में है:
1साधना बीच में न छोड़ें
एक बार आरंभ की साधना — पूर्ण करें। अधूरी साधना = हानिकारक।
2प्रदर्शन न करें
कुलार्णव: 'गोपनीयता' — साधना, मंत्र, अनुभव किसी को न बताएं।
3भय न रखें
तंत्र में भय = सबसे बड़ी बाधा। भयभीत मन में नकारात्मक अनुभव आते हैं।
4अहंकार न करें
सिद्धि मिलने पर अहंकार — तंत्र में सबसे खतरनाक। सिद्धि नष्ट होती है।
5दुरुपयोग वर्जित
किसी को हानि, वशीकरण — कर्म नियम से साधक को ही लौटता है।
6तामसिक आहार
मद्य, मांस, प्याज-लहसुन — दक्षिण मार्ग में वर्जित।
7अशुद्ध मन
क्रोध, लोभ, ईर्ष्या के साथ साधना — शक्ति विपरीत दिशा में।
8साधना बाधित न करें
माला उठाकर बीच में न रखें, बात न करें।
9गुरु के निर्देश अनदेखा न करें
कुलार्णव: 'स्वेच्छाचारी साधक नष्ट होता है।'
10परिवार पर न थोपें
अपनी साधना परिवार के अन्य सदस्यों पर नहीं।





