शास्त्र: पतंजलि — 'चित्तवृत्ति निरोध।' गीता: 'अभ्यास+वैराग्य।' विज्ञान: Vagus Nerve→शांति तंत्र, Cortisol↓, Repetition→overthinking बंद, Alpha/Theta waves↑। ॐ 10-15 मिनट, या 108 जप। सोने पूर्व राम नाम।
- 1पतंजलि (1.2): 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः' — मन की वृत्तियों (विचार तरंगों) का निरोध = योग। मंत्र जप = वृत्ति निरोध का सबसे सरल उपाय।
- 2गीता (6.35): 'अभ्यासेन...वैराग्येण' — अभ्यास (जप) + वैराग्य = मन वश।
- 3Vagus Nerve: मंत्र उच्चारण → Vagus Nerve सक्रिय → Parasympathetic (शांति) तंत्र → हृदय/श्वास धीमी → मन शांत।
- 4Cortisol ↓: तनाव हार्मोन कम → चिंता/भय कम।
- 5Repetition: एक ध्वनि बार-बार → मन की 'बंदर कूद' (monkey mind) शांत → विचार कम → शांति।
- 6Alpha/Theta waves: शांति और गहन विश्राम की तरंगें बढ़ती हैं।
- 7Default Mode Network (DMN): मस्तिष्क का 'overthinking center' शांत होता है।