विस्तृत उत्तर
मंत्र जप से मन शांत होने का शास्त्रीय और वैज्ञानिक दोनों आधार:
शास्त्रीय
- 1पतंजलि (1.2): 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः' — मन की वृत्तियों (विचार तरंगों) का निरोध = योग। मंत्र जप = वृत्ति निरोध का सबसे सरल उपाय।
- 2गीता (6.35): 'अभ्यासेन...वैराग्येण' — अभ्यास (जप) + वैराग्य = मन वश।
वैज्ञानिक
- 1Vagus Nerve: मंत्र उच्चारण → Vagus Nerve सक्रिय → Parasympathetic (शांति) तंत्र → हृदय/श्वास धीमी → मन शांत।
- 2Cortisol ↓: तनाव हार्मोन कम → चिंता/भय कम।
- 3Repetition: एक ध्वनि बार-बार → मन की 'बंदर कूद' (monkey mind) शांत → विचार कम → शांति।
- 4Alpha/Theta waves: शांति और गहन विश्राम की तरंगें बढ़ती हैं।
- 5Default Mode Network (DMN): मस्तिष्क का 'overthinking center' शांत होता है।
कैसे करें: 'ॐ' 10-15 मिनट, आंखें बंद, श्वास धीमी। या 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार। सोने से पूर्व 'राम राम' = शांत निद्रा।




