नवरात्रि प्रतिपदा को जौ बोकर, तांबे के कलश में गंगाजल, सिक्का, सुपारी भरें। पाँच आम पत्ते मुख पर रखें, नारियल ऊपर स्थापित करें। ईशान कोण में रखें और 'ॐ कलशस्य मुखे विष्णुः...' मंत्र से स्थापना करें।
- 1मिट्टी तैयार करें: पूजा स्थान पर थोड़ी मिट्टी फैलाएं और उसमें जौ के बीज बोएं — ये बीज नवरात्रि में अंकुरित होते हैं जो शुभता का प्रतीक है।
- 2कलश सजाएं:
- 3आम के पत्ते: पाँच आम के पत्ते कलश के मुख पर रखें (वृत्ताकार)
- 4नारियल स्थापन: जटा सहित नारियल पर लाल वस्त्र लपेटकर, मोली बांधकर कलश के ऊपर रखें — नारियल शिर देवी की प्रतीक है।
- 5स्थापना स्थान: उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में, दुर्गा प्रतिमा के दाईं ओर कलश रखें।
- 6मंत्र:
- 7अखंड ज्योति: यदि संभव हो तो घी का दीप प्रज्वलित करें जो पूरे नवरात्रि जलता रहे।