षोडशोपचार पूजा (देवी भागवत, एकादश स्कन्ध, अध्याय 18): 1. पीठ पूजा+ध्यान, 2. स्नान, 3. वस्त्र-आभूषण, 4. गंध-कुमकुम-सिंदूर, 5. पुष्प-बिल्वपत्र, 6. धूप-दीप, 7. नैवेद्य-तांबूल, 8. आरती-वाद्य, 9. प्रदक्षिणा-क्षमा प्रार्थना।
- 1पीठ पूजा एवं ध्यान: गुरु की आज्ञा लेकर उस पीठ (आसन) की पूजा करें, तत्पश्चात् देवी का एकाग्र मन से ध्यान।
- 2स्नान: देवी को विभिन्न द्रव्यों से प्रतीकात्मक स्नान कराएं।
- 3वस्त्र एवं आभूषण: अत्यंत सुंदर रेशमी वस्त्रों का जोड़ा तथा दिव्य रत्नों से जड़ित आभूषण अर्पित करें।
- 4गंध, कुमकुम एवं सिंदूर: लाल चंदन, केसर, कस्तूरी, सिंदूर और आलता अर्पित करें।
- 5पुष्प एवं पत्र: बिल्वपत्र पर लाल चंदन से बीज मंत्र लिखकर अर्पित करें।
- 6धूप एवं दीप: सुगन्धित धूप और कर्पूर/घृत का अखण्ड दीपक।
- 7नैवेद्य एवं तांबूल: षड्रस युक्त भोजन और कपूर-इलायची-लौंग युक्त पान।