5 तहखाने खुले: 1 लाख+ करोड़ का खजाना (सोना, हीरे, मुकुट)। वॉल्ट B: अभी अनखुला — नाग आकृतियाँ, 'नागबंध' मान्यता। अनुमान: सबसे बड़ा खजाना। न्यायिक विवाद जारी। 2020: त्रावणकोर शाही परिवार के अधीन प्रबंधन। अनेक अपुष्ट मान्यताएँ — प्रामाणिक जानकारी सीमित।
- 1अनुमानित मूल्य: 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक (कुछ अनुमानों में इससे कहीं अधिक)
- 2सोने की मूर्तियाँ, हीरे-जवाहरात, सोने के सिक्के, रत्नजड़ित मुकुट, सोने की जंजीरें (18 फीट लम्बी), नेपोलियन-कालीन सिक्के
- 3यह खजाना सदियों से त्रावणकोर राजवंश और भक्तों द्वारा अर्पित
- 4यह द्वार 'नागबंध' (नागपाश मंत्र) से बंद है — केवल विशेष मंत्र से खुल सकता है
- 5कहा जाता है कि इसे खोलने का प्रयास करने वाले को अनिष्ट होगा
- 6मान्यता है कि अंदर अपार खजाने के साथ ही श्राप भी है
- 7कुछ विशेषज्ञों का अनुमान: वॉल्ट B में अन्य सभी वॉल्ट्स से कहीं अधिक खजाना हो सकता है
- 8प्राचीन पुरातात्विक वस्तुएँ जो सदियों से अछूती हैं
- 9सर्वोच्च न्यायालय ने 2011 में वॉल्ट B खोलने का आदेश दिया था
- 10परंतु ट्रस्ट और राजपरिवार ने इसका विरोध किया
- 112020 में सर्वोच्च न्यायालय ने मंदिर का प्रबंधन त्रावणकोर शाही परिवार के अधीन रखने का फैसला दिया
- 12वॉल्ट B का भविष्य अभी अनिश्चित