विस्तृत उत्तर
तिरुवनन्तपुरम (केरल) स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखाने विश्व के सबसे रहस्यमय और अमूल्य खजानों में से एक हैं।
पृष्ठभूमि
2011 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मंदिर के छह तहखानों (वॉल्ट A से F) को खोला गया।
खुले तहखानों का खजाना (वॉल्ट A, C, D, E, F)
- ▸अनुमानित मूल्य: 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक (कुछ अनुमानों में इससे कहीं अधिक)
- ▸सोने की मूर्तियाँ, हीरे-जवाहरात, सोने के सिक्के, रत्नजड़ित मुकुट, सोने की जंजीरें (18 फीट लम्बी), नेपोलियन-कालीन सिक्के
- ▸यह खजाना सदियों से त्रावणकोर राजवंश और भक्तों द्वारा अर्पित
तहखाना B (वॉल्ट B) — सबसे रहस्यमय
1अभी तक नहीं खोला गया
वॉल्ट B को आज तक नहीं खोला गया है। इसके द्वार पर नाग (सर्प) की आकृतियाँ उत्कीर्ण हैं।
2लोक मान्यताएँ
- ▸यह द्वार 'नागबंध' (नागपाश मंत्र) से बंद है — केवल विशेष मंत्र से खुल सकता है
- ▸कहा जाता है कि इसे खोलने का प्रयास करने वाले को अनिष्ट होगा
- ▸मान्यता है कि अंदर अपार खजाने के साथ ही श्राप भी है
3अनुमानित सामग्री
- ▸कुछ विशेषज्ञों का अनुमान: वॉल्ट B में अन्य सभी वॉल्ट्स से कहीं अधिक खजाना हो सकता है
- ▸प्राचीन पुरातात्विक वस्तुएँ जो सदियों से अछूती हैं
4न्यायिक स्थिति
- ▸सर्वोच्च न्यायालय ने 2011 में वॉल्ट B खोलने का आदेश दिया था
- ▸परंतु ट्रस्ट और राजपरिवार ने इसका विरोध किया
- ▸2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने मंदिर का प्रबंधन त्रावणकोर शाही परिवार के अधीन रखने का फैसला दिया
- ▸वॉल्ट B का भविष्य अभी अनिश्चित
5वैज्ञानिक दृष्टि
कुछ पुरातत्वविदों का मानना है कि वॉल्ट B एक ठोस दीवार हो सकती है (द्वार नहीं) — परंतु यह अभी सिद्ध नहीं।
धार्मिक दृष्टि
भक्तों का मानना है कि भगवान पद्मनाभ स्वयं इस खजाने के रक्षक हैं और मानवीय लालच से इसे बचाने के लिए नागबंध लगाया गया है।
ध्यान रखें: इस विषय में अनेक अपुष्ट दावे और अफवाहें प्रचलित हैं। प्रामाणिक जानकारी सीमित है क्योंकि वॉल्ट B अभी खुला नहीं है।





