की चेकलिस्ट
पशु योनि में स्थित पितर को श्राद्ध का अंश 'तृण' (घास) बनकर मिलता है। पशु अन्न नहीं खा सकते — इसलिए मंत्र शक्ति से अन्न उनके योग्य घास में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।