प्लास्टिक की मूर्ति शास्त्रसम्मत नहीं है — यह कृत्रिम पदार्थ है जिसमें आध्यात्मिक ऊर्जा नहीं। पीतल, चाँदी, तांबा, संगमरमर, मिट्टी या स्फटिक की मूर्ति रखें। भक्ति भाव सबसे महत्वपूर्ण है।
- 1कृत्रिम पदार्थ — प्लास्टिक एक कृत्रिम और अपवित्र पदार्थ है। शास्त्रों में पूजा के लिए प्राकृतिक सामग्री (धातु, पत्थर, मिट्टी, लकड़ी) का विधान है।
- 2ऊर्जा का अभाव — प्लास्टिक में कोई आध्यात्मिक ऊर्जा नहीं होती, जबकि धातु (पीतल, चाँदी, तांबा) और पत्थर (संगमरमर, शालिग्राम) में प्राकृतिक ऊर्जा होती है।
- 3प्राण प्रतिष्ठा — प्लास्टिक की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा का कोई शास्त्रीय विधान नहीं है।
- 4अभिषेक अयोग्य — प्लास्टिक पर जल, दूध, पंचामृत आदि से अभिषेक उचित नहीं।