पूजा घर का दरवाजा कैसा होना चाहिए
की चेकलिस्ट
पूजा घर का दरवाजा पूर्व/उत्तर में, लकड़ी का, दो पल्लों वाला शुभ है। ॐ/स्वस्तिक नक्काशी, दहलीज रखें। टूटा दरवाजा, काला रंग और शौचालय के सामने दरवाजा वर्जित। अलमारी मंदिर में पर्दा लगाएं।
- 1दो पल्लों वाला — दो पट (double door) शुभ माना जाता है। यह मंदिर परंपरा के अनुरूप है।
- 2लकड़ी का — शुद्ध लकड़ी (सागौन/शीशम) का दरवाजा सर्वोत्तम। लोहे या एल्यूमीनियम से बचें।
- 3ऊंचाई — दरवाजा इतना ऊंचा हो कि प्रवेश करते समय झुकना न पड़े, परंतु कुछ परंपराओं में नमन भाव से प्रवेश हेतु छोटा दरवाजा भी बनाया जाता है।
- 4सजावट — दरवाजे पर ॐ, स्वस्तिक, कलश या कमल की नक्काशी शुभ।
- 5रंग — प्राकृतिक लकड़ी का रंग, सफेद, या हल्का पीला।
- 6दहलीज — दहलीज (threshold) होना शुभ माना जाता है — यह बाहरी और भीतरी ऊर्जा का विभाजन करती है।
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