पूजा घर में सोना, चाँदी, ताँबा, पीतल या अष्टधातु की मूर्ति रखना शुभ है। लोहा, स्टील और एल्यूमीनियम वर्जित हैं। व्यावहारिक रूप से पीतल या ताँबे की मूर्ति सर्वाधिक उपयुक्त है।
- 1सोना (स्वर्ण) — सर्वश्रेष्ठ धातु, सबसे सात्विक ऊर्जा। व्यावहारिक रूप से अधिकांश लोगों के लिए संभव नहीं।
- 2चाँदी (रजत) — अत्यंत शुभ, चंद्रमा से संबंधित, शीतल और सात्विक ऊर्जा प्रदान करती है।
- 3ताँबा (ताम्र) — शुभ धातु, सूर्य ऊर्जा से संबंधित, रोग निवारक गुण।
- 4पीतल (काँसा/ब्रास) — सबसे प्रचलित और व्यावहारिक विकल्प। तांबे और जस्ते का मिश्रण होने के कारण यह सकारात्मक ऊर्जा देती है।
- 5अष्टधातु (अष्ट धातु मिश्रण) — सोना, चाँदी, ताँबा, लोहा, जस्ता, टिन, सीसा और पारा — ये आठ धातुओं का मिश्रण अत्यंत शुभ माना जाता है।