ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा घर वास्तु📜 शास्त्रीय परंपरा, वास्तु शास्त्र2 मिनट पठन

पूजा घर में कौन सी धातु की मूर्ति रखनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

पूजा घर में सोना, चाँदी, ताँबा, पीतल या अष्टधातु की मूर्ति रखना शुभ है। लोहा, स्टील और एल्यूमीनियम वर्जित हैं। व्यावहारिक रूप से पीतल या ताँबे की मूर्ति सर्वाधिक उपयुक्त है।

📖

विस्तृत उत्तर

शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में रखी जाने वाली मूर्ति की धातु का विशेष महत्व है।

शुभ धातुएँ (प्राथमिकता क्रम)

  1. 1सोना (स्वर्ण) — सर्वश्रेष्ठ धातु, सबसे सात्विक ऊर्जा। व्यावहारिक रूप से अधिकांश लोगों के लिए संभव नहीं।
  2. 2चाँदी (रजत) — अत्यंत शुभ, चंद्रमा से संबंधित, शीतल और सात्विक ऊर्जा प्रदान करती है।
  3. 3ताँबा (ताम्र) — शुभ धातु, सूर्य ऊर्जा से संबंधित, रोग निवारक गुण।
  4. 4पीतल (काँसा/ब्रास) — सबसे प्रचलित और व्यावहारिक विकल्प। तांबे और जस्ते का मिश्रण होने के कारण यह सकारात्मक ऊर्जा देती है।
  5. 5अष्टधातु (अष्ट धातु मिश्रण) — सोना, चाँदी, ताँबा, लोहा, जस्ता, टिन, सीसा और पारा — ये आठ धातुओं का मिश्रण अत्यंत शुभ माना जाता है।

अन्य शुभ सामग्री

  • संगमरमर (मार्बल) — शुभ, शांत ऊर्जा।
  • मिट्टी — शुभ, प्राकृतिक।
  • पत्थर — नर्मदा नदी का पत्थर (बाणलिंग) विशेष शुभ।
  • स्फटिक (क्रिस्टल) — अत्यंत शुभ, विशेषतः शिवलिंग और गणेश के लिए।

अशुभ/वर्जित धातुएँ

  • लोहा (Iron) — पूजा के लिए अशुभ।
  • स्टील (Steel) — वर्जित।
  • एल्यूमीनियम — पूजा के लिए उपयुक्त नहीं।

व्यावहारिक सुझाव: अधिकांश घरों के लिए पीतल या ताँबे की मूर्ति सबसे उपयुक्त विकल्प है — यह सुलभ, टिकाऊ और शास्त्रसम्मत है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शास्त्रीय परंपरा, वास्तु शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

धातु मूर्तिपीतलचांदीसोनातांबापूजा नियम

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पूजा घर में कौन सी धातु की मूर्ति रखनी चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा घर वास्तु से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शास्त्रीय परंपरा, वास्तु शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।