पूजा में सावधानियाँ: स्नान अनिवार्य, जूते-चप्पल नहीं, मोबाइल बंद, बीच में न उठें, व्यर्थ बात न करें। वर्जित: खंडित मूर्ति, बासी फूल, बासी नैवेद्य। सूतक-पातक में पूजा घर से दूर रहें। नियमितता और शुद्ध भाव सबसे जरूरी हैं।
1स्नान किए बिना पूजा न करें
2मल-मूत्र विसर्जन के बाद हाथ धोकर ही पूजा करें
3बीमारी में या अशक्त होने पर — आचमन और शुद्ध भाव पर्याप्त