विस्तृत उत्तर
पूजा में सावधानियाँ धर्म सिंधु और विष्णु पुराण में वर्णित हैं:
शरीर संबंधी
- 1स्नान किए बिना पूजा न करें
- 2मल-मूत्र विसर्जन के बाद हाथ धोकर ही पूजा करें
- 3बीमारी में या अशक्त होने पर — आचमन और शुद्ध भाव पर्याप्त
पूजा स्थान
- 1पूजा कक्ष स्वच्छ हो
- 2पूजा के दौरान जूते-चप्पल न पहनें
- 3पूजा स्थान पर पीठ न करें
आचरण
- 1पूजा के दौरान मोबाइल बंद रखें
- 2पूजा में बीच में न उठें (यदि संभव हो)
- 3पूजा के दौरान व्यर्थ बात न करें
- 4क्रोध, ईर्ष्या और अहंकार को मन से निकालें
वर्जित
- 1सूतक-पातक में पूजा घर में न जाएं (जन्म-मृत्यु के समय)
- 2महिलाओं के लिए — पारंपरिक नियम के अनुसार मासिक धर्म में
- 3खंडित मूर्ति की पूजा न करें
- 4खंडित पुष्प न चढ़ाएं
- 5बासी फूल और बासी नैवेद्य न चढ़ाएं
नारद पुराण का वचन
शुचिर्भूत्वा पूजयेद् देवं, अशुचिर्न पूजयेत् कदा।' — शुद्ध होकर देव पूजा करें, अशुद्ध होने पर पूजा न करें।





