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पूजा नियम📜 धर्म सिंधु, विष्णु पुराण — पूजा वर्जन, नारद पुराण2 मिनट पठन

पूजा के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

पूजा में न करें: मोबाइल, अनावश्यक बात, क्रोध, जूते-चप्पल। अर्पण में: खंडित-बासी-सूंघे फूल वर्जित। बायें हाथ से देव स्पर्श नहीं। भगवान की ओर पीठ न करें। नारद पुराण: 'पूजा के समय न हँसें, न बोलें।'

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विस्तृत उत्तर

पूजा के दौरान वर्जित बातों का वर्णन धर्म सिंधु और विष्णु पुराण में है:

शरीर संबंधी

  1. 1पूजा के दौरान जम्हाई न लें — लेने पर मुँह ढकें
  2. 2छींकें आएं तो मुँह ढकें
  3. 3पीठ देवता की ओर न करें
  4. 4पूजा के दौरान जूते-चप्पल न पहनें

व्यवहार संबंधी

  1. 1मोबाइल का उपयोग — सर्वथा वर्जित
  2. 2अनावश्यक बात — पूजा के दौरान संसारी बातें नहीं
  3. 3क्रोध — पूजा में क्रोध नहीं
  4. 4हँसी-मजाक — अनुचित

अर्पण संबंधी

  1. 1खंडित पुष्प न चढ़ाएं
  2. 2बासी फूल न चढ़ाएं
  3. 3सूंघे हुए फूल न चढ़ाएं
  4. 4खंडित मूर्ति की पूजा न करें
  5. 5बायें हाथ से देवता को न छुएं

विशेष वर्जन

  1. 1भगवान की ओर पीठ करके न बैठें
  2. 2दीपक के सामने छींक-खाँसी होने पर मुँह ढकें
  3. 3पूजा के समय जल्दबाजी न करें
  4. 4आरती के समय बात न करें

नारद पुराण

न हसेत् न वदेत् किञ्चित् देवपूजनकाले नरः।' — पूजा के समय न हँसें, न बोलें।
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शास्त्रीय स्रोत
धर्म सिंधु, विष्णु पुराण — पूजा वर्जन, नारद पुराण
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