की चेकलिस्ट
शास्त्रीय प्रमाण: गीता 2.12, 2.22, 4.5 — कृष्ण ने स्पष्ट कहा कि बहुत जन्म बीत चुके। कठोपनिषद — आत्मा अमर। बृहदारण्यक — कर्मानुसार नया शरीर। योगसूत्र 2.12 — कर्माशय भावी जन्म निर्धारित करता है। भागवत में भरत मुनि के तीन जन्म प्रसिद्ध उदाहरण।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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