विष्णु पुराण के अनुसार वर्तमान मन्वंतर के सप्तऋषि: वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज। भाद्रपद शुक्ल पंचमी (ऋषि पंचमी) को इनकी पूजा से पाप कर्म नष्ट होते हैं।
- 1वशिष्ठ — राजा दशरथ के कुलगुरु और भगवान राम के आदि-गुरु।
- 2कश्यप — देवों, दैत्यों और समस्त प्राणियों के पितामह।
- 3अत्रि — जिनके पुत्र दत्तात्रेय (विष्णु-अंश), चंद्रमा (ब्रह्मा-अंश) और दुर्वासा (शिव-अंश) हैं।
- 4जमदग्नि — भगवान परशुराम के पिता।
- 5गौतम — न्यायशास्त्र के प्रणेता।
- 6विश्वामित्र — पूर्व में राजा थे, तपस्या से ब्रह्मर्षि बने। गायत्री मंत्र के द्रष्टा ऋषि।
- 7भारद्वाज — वैदिक ज्ञान के महान संरक्षक, जिनके आश्रम में भगवान राम वनवास के दौरान गए थे।