सरस्वती पूजा के फायदे: (1) अज्ञानता-जड़ता-आलस्य का समूल नाश, अज्ञानी भी विद्वान बन सकता है, (2) स्मरण शक्ति, वाक्-पटुता, तार्किक क्षमता, संगीत-साहित्य में निपुणता, (3) 'परा विद्या' (आत्म-साक्षात्कार), धन, विद्या, संतति और अंततः भगवत्-प्राप्ति।
- 1अज्ञानता का समूल नाश: माता सरस्वती 'निःशेषजाड्यापहा' हैं — वे जड़ता, आलस्य और मूर्खता का पूर्ण रूप से नाश करती हैं। एक अत्यंत अज्ञानी व्यक्ति भी महान विद्वान बन सकता है।
- 2कला और वाक्-सिद्धि: स्मरण-शक्ति, वाक्-पटुता, तार्किक क्षमता और कला (संगीत, साहित्य) में निपुणता।
- 3परा विद्या और मोक्ष: उनकी विशुद्ध भक्ति व्यक्ति को केवल लौकिक ज्ञान ही नहीं, अपितु 'परा विद्या' (आत्म-साक्षात्कार) भी प्रदान करती है। साधक को जीवन में धन, विद्या, गुणवान संतति और अंततः भगवत्-प्राप्ति होती है।