कथा: माता छाया ने तेल से शनि ठीक किए=तेल प्रिय। छाया दान=तेल में चेहरा देखकर=शनि(छाया पुत्र)। शनिवार शाम, पीपल/मंदिर, लोहा पात्र, 'ॐ शं शनैश्चराय नमः'।
1पौराणिक कथा: शनि बचपन में पिता सूर्य के तेज से जल गए — माता छाया ने सरसों तेल से मालिश कर ठीक किया। इसलिए शनि को तेल प्रिय।