की चेकलिस्ट
अद्वैत = 'दो नहीं, एक ही।' 1. ब्रह्म ही सत्य। 2. जगत माया (भ्रम) — रस्सी में साँप जैसा। 3. आत्मा = ब्रह्म। अज्ञान दूर होना = मोक्ष। सोने के आभूषण अलग दिखें पर सब सोना — वैसे ही सब कुछ ब्रह्म।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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