ईशान = ऊर्ध्व मुख, अनुग्रह (मोक्ष) शक्ति — पांच मुखों में सर्वोच्च। फल: मोक्ष, सर्वविद्या ('ईशानः सर्वविद्यानाम्'), गुरु कृपा, ग्रह शांति, आत्मशुद्धि। ईशान कोण में ध्यान।
- 1मोक्ष प्राप्ति: ईशान = अनुग्रह शक्ति = मोक्ष/मुक्ति का मार्ग। शिव की पांच क्रियाओं (सृष्टि/स्थिति/संहार/तिरोधान/अनुग्रह) में सर्वोच्च।
- 2सर्वविद्या: 'ईशानः सर्वविद्यानाम्' — सम्पूर्ण विद्याओं का स्वामी। ज्ञान, बुद्धि, विवेक प्राप्ति।
- 3गुरु कृपा: ईशान = आदि गुरु दक्षिणामूर्ति से संबंधित — गुरु प्राप्ति और ज्ञान दीक्षा।
- 4ग्रह शांति: ईशान कोण (वास्तु) = शिव का कोण — सर्व ग्रह दोष शांति।
- 5आत्मशुद्धि: ईशान = शुद्धतम रूप — आत्मा की शुद्धि और उन्नति।