ॐ नमः शिवाय | जय श्री राम | हरे कृष्ण
चेकलिस्टशिव की पूजा में राहु केतु दोष निवारण कैसे करें?
की चेकलिस्ट
राहु: महामृत्युंजय सवा लाख जप+हवन, शिवलिंग पर काले तिल, काल भैरव पूजा। केतु: कुश से जलाभिषेक, गणेश पूजा, सप्तधान्य अर्पण। दोनों: रुद्राभिषेक, प्रदोष व्रत, 8/9 मुखी रुद्राक्ष, काल सर्प दोष हेतु त्र्यम्बकेश्वर/महाकाल पूजा। ज्योतिषी से कुंडली परामर्श उचित।
- 1महामृत्युंजय मंत्र का सवा लाख जप और दशांश हवन।
- 2सोमवार को शिवलिंग पर कच्चे दूध का अभिषेक।
- 3'ॐ नमः शिवाय' का नियमित जप रुद्राक्ष माला से।
- 4शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं।
- 5शनिवार/मंगलवार को काल भैरव की पूजा (भैरव शिव के अंश)।
- 6शिवलिंग पर कुश (दूब घास) से जलाभिषेक।
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'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जप।
8भगवान गणेश (शिव पुत्र) की पूजा — गणपति बीज मंत्र जप।9शिवलिंग पर सप्तधान्य (सात अनाज) चढ़ाना।10केतु मंत्र 'ॐ कें केतवे नमः' जप के साथ शिव पूजा।11रुद्राभिषेक करवाना सर्वोत्तम उपाय।12पंचमुखी रुद्राक्ष या आठमुखी रुद्राक्ष (राहु) / नौमुखी रुद्राक्ष (केतु) धारण।13प्रदोष व्रत (त्रयोदशी) का नियमित पालन।14काल सर्प दोष हो तो 'महाकाल' शिव (उज्जैन) या त्र्यम्बकेश्वर (नासिक) में विशेष पूजा करवाना।15शिव मंदिर में तिल का तेल दान।चेकलिस्ट: शिव की पूजा में राहु केतु दोष निवारण कैसे