संकल्प = जप से पूर्व दृढ़ निश्चय। स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। दाहिने हाथ में जल-अक्षत लेकर तिथि, गोत्र, नाम, उद्देश्य, मंत्र, संख्या बोलकर संकल्प लें। फिर जल भूमि पर छोड़ें। संकल्प लेने के बाद उसे पूर्ण करना अनिवार्य। बिना संकल्प जप अपूर्ण माना गया है।
- 1स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- 2पूजा स्थल पर आसन (कुश/ऊनी) पर बैठें।
- 3पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
- 4तीन बार आचमन करें।
- 5तीन बार प्राणायाम करें।
- 6जप का उद्देश्य (रोग मुक्ति, विवाह, शांति, आध्यात्मिक उन्नति आदि)
- 7मंत्र का नाम
- 8जप की कुल संख्या
- 9जप की अवधि (कितने दिनों में पूर्ण करेंगे)
- 10नियम (उपवास, ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार आदि)
- 11एक बार संकल्प लेने के बाद उसे पूर्ण करना अनिवार्य है।
- 12बिना संकल्प के मंत्र जप अपूर्ण माना गया है।
- 13संकल्प से मंत्र की शक्ति बढ़ती है और निश्चित फल की प्राप्ति होती है।