नैवेद्य: पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)। फल: बेलफल (सर्वप्रिय), केला, नारियल। मिठाई: खीर, पेड़ा, लड्डू, हलवा। विशेष: भांग प्रसाद (ठंडाई), कच्चा दूध, गन्ने का रस। सूखे मेवे। नियम: ताजा, शुद्ध, 'ॐ नमः शिवाय' बोलकर अर्पण। तुलसी सामान्यतः वर्जित। केवड़ा-केतकी वर्जित।
- 1बेलफल (बिल्वफल) — शिव को सर्वाधिक प्रिय
- 2केला, सेब, अनार, नारियल
- 3आम, अंगूर आदि ऋतुफल
- 4खीर (दूध-चावल)
- 5पेड़ा, लड्डू
- 6मालपुआ
- 7हलवा
- 8दूध से बनी मिठाइयां
- 9चावल (अक्षत — पूजा में अखंडित चावल)
- 10सत्तू, चने की दाल
- 11भांग का प्रसाद (ठंडाई/भांग पेड़ा — विशेष पर्वों पर)
- 12धतूरे का फल (केवल शिवलिंग पर अर्पण हेतु, खाने के लिए नहीं)
- 13बिल्वफल
- 14दूध (कच्चा दूध — शिव को अत्यंत प्रिय)
- 15गन्ने का रस
- 16जल (गंगाजल सर्वोत्तम)
- 17बादाम, काजू, किशमिश, पिस्ता
- 18चिरौंजी, मखाना
- 19नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए।
- 20बासी, जूठा या अशुद्ध भोग कदापि न चढ़ाएं।
- 21नैवेद्य अर्पित करते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र बोलें।
- 22तुलसी पत्र शिव पूजा के नैवेद्य में सामान्यतः नहीं चढ़ाया जाता (कुछ परंपराओं में मतभेद है)।
- 23नैवेद्य शिवलिंग के बगल में रखकर अर्पित करें, सीधे शिवलिंग पर न रखें (पंचामृत/दूध अभिषेक अलग है)।
- 24केवड़ा और केतकी का फूल शिव पर वर्जित
- 25कुछ परंपराओं में लाल रंग के फूल वर्जित
- 26अशुद्ध या तामसिक पदार्थ