श्राद्ध कितने प्रकार के होते हैं?
की चेकलिस्ट
मुख्य 3 प्रकार: (1) नित्य = प्रतिदिन (2) नैमित्तिक = विशेष अवसर जैसे पुत्र जन्म (3) काम्य = मनोकामना हेतु, रोहिणी नक्षत्र में। चौथा विशिष्ट = पार्वण श्राद्ध (पितृ पक्ष में 3 पीढ़ियों का संयुक्त तर्पण-पिण्डदान)।
- 1जो प्रतिदिन किया जाए।
- 2दैनिक नियमित श्राद्ध कर्म।
- 3किसी विशेष अवसर पर किया जाने वाला श्राद्ध।
- 4उदाहरण: पुत्र जन्म के अवसर पर किया जाने वाला श्राद्ध।
- 5किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए किया जाने वाला श्राद्ध।
- 6विशेष रूप से रोहिणी आदि नक्षत्रों में किया जाता है।
- 7पितृ पक्ष में किया जाने वाला श्राद्ध 'पार्वण श्राद्ध' की कोटि में आता है।
- 8विशेषता: इसमें विशेष काल (पर्व) पर तीन पीढ़ियों के पितरों का संयुक्त रूप से तर्पण और पिण्डदान किया जाता है।
- 9नित्य = प्रतिदिन
- 10नैमित्तिक = विशेष अवसर (पुत्र जन्म आदि)
- 11काम्य = मनोकामना के लिए (रोहिणी नक्षत्र)
- 12पार्वण = पितृ पक्ष में, तीन पीढ़ियों का संयुक्त
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