का सरल उत्तर
मुख्य 3 प्रकार: (1) नित्य = प्रतिदिन (2) नैमित्तिक = विशेष अवसर जैसे पुत्र जन्म (3) काम्य = मनोकामना हेतु, रोहिणी नक्षत्र में। चौथा विशिष्ट = पार्वण श्राद्ध (पितृ पक्ष में 3 पीढ़ियों का संयुक्त तर्पण-पिण्डदान)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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