हरियाली तीज: शिव-पार्वती मिलन दिवस, सुहागन व्रत (पति दीर्घायु), हरियाली=वर्षा नवजीवन, झूला (पार्वती), मायके सम्बंध (सिंधारा)। श्रावण शुक्ल तृतीया। राजस्थान/जयपुर सवारी प्रसिद्ध।
- 1शिव-पार्वती मिलन: इस दिन माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। हरियाली तीज = शिव-पार्वती मिलन दिवस = आदर्श दाम्पत्य का प्रतीक।
- 2सुहाग व्रत: सुहागन स्त्रियाँ पति दीर्घायु और सौभाग्य हेतु व्रत। मेहंदी, सोलह श्रृंगार, हरे वस्त्र, चूड़ियाँ।
- 3हरियाली = वर्षा ऋतु: श्रावण = वर्षा = चारों ओर हरियाली। 'हरियाली' = प्रकृति का नवजीवन = दाम्पत्य में नवीनता।
- 4झूला (हिंडोला): पेड़ों पर झूला = पार्वती जी झूला झूलती हैं। सखियों संग गीत-मेहंदी-झूला = स्त्रीत्व उत्सव।
- 5मायके सम्बंध: ससुराल की बहू = मायके जाती है तीज पर। माता-पिता = कपड़े-मिठाई भेजते हैं ('सिंधारा')।