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त्योहार पूजा📜 शिव पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रज परम्परा1 मिनट पठन

श्रावण मास में हरियाली तीज का क्या महत्व है?

संक्षिप्त उत्तर

हरियाली तीज: शिव-पार्वती मिलन दिवस, सुहागन व्रत (पति दीर्घायु), हरियाली=वर्षा नवजीवन, झूला (पार्वती), मायके सम्बंध (सिंधारा)। श्रावण शुक्ल तृतीया। राजस्थान/जयपुर सवारी प्रसिद्ध।

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विस्तृत उत्तर

हरियाली तीज (श्रावण शुक्ल तृतीया) = सुहागन स्त्रियों का प्रमुख पर्व:

  1. 1शिव-पार्वती मिलन: इस दिन माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। हरियाली तीज = शिव-पार्वती मिलन दिवस = आदर्श दाम्पत्य का प्रतीक।
  1. 1सुहाग व्रत: सुहागन स्त्रियाँ पति दीर्घायु और सौभाग्य हेतु व्रत। मेहंदी, सोलह श्रृंगार, हरे वस्त्र, चूड़ियाँ।
  1. 1हरियाली = वर्षा ऋतु: श्रावण = वर्षा = चारों ओर हरियाली। 'हरियाली' = प्रकृति का नवजीवन = दाम्पत्य में नवीनता।
  1. 1झूला (हिंडोला): पेड़ों पर झूला = पार्वती जी झूला झूलती हैं। सखियों संग गीत-मेहंदी-झूला = स्त्रीत्व उत्सव।
  1. 1मायके सम्बंध: ससुराल की बहू = मायके जाती है तीज पर। माता-पिता = कपड़े-मिठाई भेजते हैं ('सिंधारा')।

प्रमुख: राजस्थान, हरियाणा, UP, मध्यप्रदेश = हरियाली तीज भव्यता से। जयपुर = तीज की सवारी (देवी पार्वती शोभायात्रा) प्रसिद्ध।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रज परम्परा
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