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त्योहार पूजा📜 शकुन शास्त्र, लोक परम्परा, राम कथा2 मिनट पठन

दशहरा पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन शुभ क्यों माने जाते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

दशहरा नीलकंठ: शिव दूत (विजय संकेत), राम-रावण विजय स्मृति, शमी+नीलकंठ=अत्यंत शुभ, धन+विजय। शकुन शास्त्र: सर्वदा शुभ, दशहरा=सर्वाधिक। दाहिनी ओर=तुरंत सफलता। न दिखे=शमी पूजा+शिव जप।

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विस्तृत उत्तर

दशहरा (विजयादशमी) पर नीलकंठ पक्षी दर्शन = सर्वाधिक शुभ शकुन:

  1. 1नीलकंठ = शिव: भगवान शिव = नीलकंठ (हलाहल विष धारण)। नीलकंठ पक्षी = शिव का दूत। दशहरा = विजय दिवस — शिव दूत दर्शन = 'विजय निश्चित।'
  1. 1राम-रावण विजय: श्रीराम ने रावण पर विजय = दशहरा। नीलकंठ दर्शन = राम विजय का शुभ संकेत = आपके जीवन में भी बुराई पर विजय।
  1. 1शमी वृक्ष + नीलकंठ: दशहरा पर शमी वृक्ष पूजा। शमी = शत्रु नाश। नीलकंठ शमी पर बैठा दिखे = अत्यंत अत्यंत शुभ।
  1. 1सोना लूटना: दशहरा = 'सोना लूटना' (शमी पत्ते = सोना प्रतीक)। नीलकंठ दर्शन + सोना = धन + विजय।
  1. 1शकुन शास्त्र: नीलकंठ = सर्वदा शुभ। दशहरा विशेष = सर्वाधिक शुभ। दाहिनी ओर दिखे = तुरंत सफलता।

परम्परा: कई क्षेत्रों में लोग दशहरा पर विशेष रूप से नीलकंठ पक्षी खोजते हैं। दर्शन न हो = शमी वृक्ष पूजा + 'ॐ नमः शिवाय' = शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
शकुन शास्त्र, लोक परम्परा, राम कथा
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