ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
त्योहार पूजा📜 भागवत पुराण (दशम स्कन्ध), वल्लभ सम्प्रदाय2 मिनट पठन

गोवर्धन पूजा में अन्नकूट में कितने व्यंजन बनाने चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

अन्नकूट: छप्पन भोग (56)=आदर्श (8 भोजन/दिन × 7 दिन उपवास)। गृहस्थ=यथाशक्ति (21/32/56)। भावना>संख्या। गोबर गोवर्धन बनाएँ→अन्नकूट भोग→परिक्रमा→प्रसाद। नाथद्वारा=सबसे भव्य।

📖

विस्तृत उत्तर

गोवर्धन पूजा (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा = दीपावली अगला दिन) में अन्नकूट:

छप्पन भोग (56 व्यंजन) = आदर्श

  1. 1छप्पन भोग कथा: भागवत: माता यशोदा बालकृष्ण को दिन में 8 बार भोजन कराती थीं। जब कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया = 7 दिन तक भोजन नहीं खाया = 8 × 7 = 56 भोजन छूटे = इन्द्र पराजय बाद ब्रजवासियों ने 56 व्यंजन = 'छप्पन भोग' अर्पित।
  1. 156 व्यंजन सूची (परम्परागत): भात, दाल, चटनी, अचार, रायता, कढ़ी, पूड़ी, कचौड़ी, पकौड़ी, खीर, हलवा, लड्डू, बर्फी, पेड़ा, मालपुआ, इमरती, दूध, मक्खन, दही, घी, शक्कर, शहद, फल (अनेक प्रकार), मेवे, शाक (अनेक प्रकार) आदि।

व्यावहारिक

  • 56 व्यंजन = आदर्श (मंदिरों/सम्प्रदायों में)।
  • गृहस्थ = यथाशक्ति 21, 32, 56 या जितने बना सकें।
  • भावना > संख्या: 5 व्यंजन भी श्रद्धापूर्वक = 56 के बराबर।

विधि: गोबर का गोवर्धन (पर्वत आकार) बनाएँ → फूल-पत्तों से सजाएँ → अन्नकूट (सभी व्यंजन) भोग → कृष्ण पूजा → परिक्रमा → प्रसाद वितरण।

वल्लभ सम्प्रदाय: श्रीनाथजी (नाथद्वारा) = सबसे भव्य अन्नकूट = हजारों व्यंजन।

📜
शास्त्रीय स्रोत
भागवत पुराण (दशम स्कन्ध), वल्लभ सम्प्रदाय
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

गोवर्धनअन्नकूटछप्पन भोगकृष्णव्यंजन

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

गोवर्धन पूजा में अन्नकूट में कितने व्यंजन बनाने चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको त्योहार पूजा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर भागवत पुराण (दशम स्कन्ध), वल्लभ सम्प्रदाय पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।