का सरल उत्तर
अन्नकूट: छप्पन भोग (56)=आदर्श (8 भोजन/दिन × 7 दिन उपवास)। गृहस्थ=यथाशक्ति (21/32/56)। भावना>संख्या। गोबर गोवर्धन बनाएँ→अन्नकूट भोग→परिक्रमा→प्रसाद। नाथद्वारा=सबसे भव्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।