विस्तृत उत्तर
भैया दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया) = यम द्वितीया — यमराज-यमुना कथा:
पौराणिक कथा: यमराज और यमुना = भाई-बहन (सूर्य पुत्र-पुत्री)। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना ने यमराज को भोजन पर आमंत्रित किया। यमराज ने बहन के घर भोजन कर प्रसन्न होकर वरदान दिया — 'इस दिन जो भाई बहन के घर भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु नहीं होगी।'
यमराज पूजा कारण
- 1अकाल मृत्यु रक्षा: यमराज = मृत्यु के देवता। बहन भाई को यम से रक्षा कामना = यमराज पूजा।
- 2यम-यमुना सम्बंध: यह पर्व यम-यमुना भाई-बहन प्रेम की स्मृति = यमराज पूजन।
- 3यमुना स्नान: इस दिन यमुना में स्नान = यमराज भय मुक्ति।
विधि: बहन भाई के माथे पर तिलक → आरती → भोजन कराए → भाई उपहार/दक्षिणा दे। कुछ परम्पराओं में यमराज-चित्रगुप्त पूजन।
विशेष: यह रक्षाबंधन का पूरक — रक्षाबंधन = बहन भाई को रक्षा सूत्र। भैया दूज = बहन भाई को अकाल मृत्यु से रक्षा (यम कृपा)।





