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त्योहार पूजा📜 पद्म पुराण, विष्णु पुराण, लोक कथा2 मिनट पठन

भैया दूज पर यमराज की पूजा क्यों करते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

भैया दूज यमराज: यम-यमुना कथा (बहन ने भोजन कराया→यम ने वर='अकाल मृत्यु नहीं'), यम=मृत्यु देवता (भाई रक्षा), यमुना स्नान=यम भय मुक्ति। बहन→तिलक→भोजन→दक्षिणा। रक्षाबंधन पूरक।

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विस्तृत उत्तर

भैया दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया) = यम द्वितीया — यमराज-यमुना कथा:

पौराणिक कथा: यमराज और यमुना = भाई-बहन (सूर्य पुत्र-पुत्री)। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना ने यमराज को भोजन पर आमंत्रित किया। यमराज ने बहन के घर भोजन कर प्रसन्न होकर वरदान दिया — 'इस दिन जो भाई बहन के घर भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु नहीं होगी।'

यमराज पूजा कारण

  1. 1अकाल मृत्यु रक्षा: यमराज = मृत्यु के देवता। बहन भाई को यम से रक्षा कामना = यमराज पूजा।
  2. 2यम-यमुना सम्बंध: यह पर्व यम-यमुना भाई-बहन प्रेम की स्मृति = यमराज पूजन।
  3. 3यमुना स्नान: इस दिन यमुना में स्नान = यमराज भय मुक्ति।

विधि: बहन भाई के माथे पर तिलक → आरती → भोजन कराए → भाई उपहार/दक्षिणा दे। कुछ परम्पराओं में यमराज-चित्रगुप्त पूजन।

विशेष: यह रक्षाबंधन का पूरक — रक्षाबंधन = बहन भाई को रक्षा सूत्र। भैया दूज = बहन भाई को अकाल मृत्यु से रक्षा (यम कृपा)।

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शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण, विष्णु पुराण, लोक कथा
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